मेरी नन्ही परी---------

 मेरी नन्ही परी......

प्यारे सज्जनों,
                 बात उन दिनों की जैसे जैसे बचपन बीतता गया,हम सब प्राइमरी स्कूल पास करके नए दिशा की ओर आगे बढ़ रहे थे,क्या मौसम था ,क्या सपने थे? उन दिनों सरकारी स्कूल में अध्यापकों की बहुत कमी थी और सब कुछ अपने ही भरोसे पढ़ कर अगले  क्लास  तक पहुंचने का भरोसा देता था,उस समय जब मै सातवीं क्लास में था,तो जिस स्कूल में मै पढ़ाई करता था मेरे पिता समान अध्यापक स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर जी ने मुझे एक  सिख प्रदान करी थी।  की बेटा तू कभी परिस्थिति से कभी हार नहीं मानना , वो
मेरे जीवन में  मेरे निश्छल आखों में सपने सजाने में लगे थे। उन दिनों मै अपने कक्षा में अवल न.में पास होता था। मेरे अध्यापक के छोटे पुत्र कभी कभी हमारे स्कूल घूमने  अपने पापा अर्थात मेरे प्रिय शिक्षक के साथ आया करता था। पापा बोलते थे मुकेश के पास ही हमेशा  बैठना, चूंकि मैं स्कूल जो भी जिम्मेदारी मिलती ईमानदारी से निभाता था, मुझ पर सब भरोसा करते थे। 
उनके छोटे पुत्र जिनको हम सब बूटी कहकर पुकारते थे,उनका नाम जयप्रकाश ठाकुर है उनके साथ उठना, बैठना खाना खाना,खेलना एक दूसरे के बिना कभी नहीं कर पाते थे,जय कभी कभी आता था  हमारे स्कूल और हम दोनों तरसते रहते थे एक दूसरे से मिलने के लिए। और पापा बहुत खुश हुआ करते थे। जैसे ही  मिडिल स्कूल की पढ़ाई खत्म हुई । भगवान ने हमें किस्मत से एक ही स्कूल में मिलाया।और हाई स्कूल की पढ़ाई साथ ने करने लगे।

         उस समय जय के बड़े भैया जिनका नाम अजय कुमार ठाकुर है वे उसी स्कूल में कृषि संकाय में पढ़ाई करते थे,वे भैया हम दोनों को बहुत ही प्यार और दुलार की दृष्टि से हम सबका हौसला बढ़ाते थे। उन दिनों मै छात्रावास में रहता था, और जय और अजय अपने भैया ,जयकुमार सिदार जी के यहां चूंकि मेरा वहां आना जाना हमेशा लगा रहता था। वहां मेरी भाभी श्रीमती अनीता सिदार जी ने जय और मुझे बेटों से बढ़कर हम दोनों का हौसला बढ़ाती और पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करती,उनका भी मेरे जीवन में बहुत बड़ा योगदान है। उनका सलाह,मौज मस्ती वो जीवन के अनमोल पल आज भी तरोताजा याद है। जय के साथ भाभी के यहां मै भी रुक जाता था,चूंकि भैया सिदार सर उसी हाई स्कूल में मैथ्स के अध्यापक है, उनसे हम दोनों सवाल पूछ पूछ कर पढ़ाई करते थे। उनका योगदान हमारे जीवन में एक नई दिशा को निर्देशित किया।

        हाई स्कूल जीवन में मै हमेशा जय के घर जाया करता था,उनका परिवार शायद अपना सा ही  हो चुका मां श्रीमती कमला ठाकुर मुझे जय के समान ही प्यार  दुलार करती,मानो मेरी मां ही हो आज भी मेरी मां मुझे बहुत प्यार करती है। जैसे जैसे समय बीतता गया, हॉयर सेकंडरी परीक्षा पास करने के बाद जय और मै अलग अलग हो गए। वो अब दूर रायपुर चला गया स्टडी करने के लिए, और मैं जशपुर में ही स्टडी करने का फैसला किया।इसी बीच काल चक्र ने ऐसा खेल खेला मेरे जीवन को सपने से सजाने वाले,मेरे प्रिय शिक्षक जी का आकस्मिक देहावसान हो गया। यह सुनकर जीवन में घनघोर अंधेरा छाया, मै  जीवन को निर्देशित करने वाला  एक  तारा इस दुनियां से चला गया। 2-3सालों तक मन में एक लल्लक बनी रही की काश मेरे पापा आज होते तो जीवन का एक नया रंग और होता।

      लगभग 8 साल बाद मेरे जीवन के सबसे प्यारे दोस्त जय का  शादी हो गया।और फरवरी 2018 में उनकी शादी हो गई । दुर्भाग्यवश मै उनकी शादी में नहीं पहुंच पाया। जिसका दुःख आज भी मुझे है। हमारे दोस्त की जीवन संगिनी भी हमारे प्यारे दोस्त के जैसे खुशमिजाज
इंसान है। और समय बीतता चला आया और 2 जनवरी 2019 को  उनके घर अर्थात जय के घर में एक नए मेहमान लक्ष्मी सवारूपा एक बिटिया रानी का जन्म हुआ, जैसे ही ये खबर सुना मेरा मन रोमांचित हो उठा, मेरे घर में लक्ष्मी आयी,और बिटिया रानी को गले से लगा लेने  को मन मचल रहा था। इस भाग दौड़ की जिंदगी में अचानक मेरे जीवन के सच्चे साथी जय का मैसेज आया....
की बिटिया रानी का अन्नप्राशन में आपको आना है। मै अपना आपा खो बैठा,शायद मेरी बिटिया ही आज मुझे दुबारा सपने को साकार करने का, अपने पापा के दिए हुए वचनों का, सब बातें याद आ गई, मेरे आखों में खुशी के आंसू झलक आए। 
मेरी नन्ही परी के लिए लिए कुछ लाइन समर्पित.........

मेरी नन्ही परी.........

1. बेटा तेरे जीवन में मम्मी का साया हो।
मेरे बागों की फुलवारी में, तू नन्ही कली हो।।
जय, की प्यारी परी,मेरे घर की रोशनी हो।
नन्हे, नन्हें कदम से,सारा घर में खुशयाली हो।।


2. बिटिया रानी तू आ गई, तेरा इंतज़ार था।
घर में घी के दिए जल रहे, इस पल का इंतज़ार था।।
खुशियों के दीपक जल उठें है,बरसों तरसे हैं
बिटिया हमारी अनमोल खजाना,आज सब मुस्कुराए है।


3.दादी का दुलार होगा,बड़े पापा का प्यार होगा।
मै भी शामिल हूं,तुझे एक बार देखूं, क्या पल होगा।।
अपनों की बगिया का फूल,कली महक उठा है।
सारा संसार मुस्काए, कोयल भी कहक उठा है।।

4. बिटिया रानी अनमोल रतन, हमारे सपने की बुनियाद हो।
जीवन के इस मोड़ पर, सभी का पहचान हो।।
ऊपर वाला भी दुआ बरसा रहा आज।
मेरे घर की परी,ठाकुर परिवार का सम्मान हो।।

5.पापा बनने का खुशी जय के साथ, मुझे भी बहुत है।
मै भी झूला  झुलाऊंगा,ये मेरी किस्मत है।।
हमने अनमोल रत्न पाया है, आज खुस्किस्मत हैं
थैंक्स आपकी मम्मी को, बधाई आज बहुत है।।

        "May God bless you beta"

               

Post a Comment

Previous Post Next Post